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प्रेगनेंसी में खीरा खाने के 8 फायदे और 6 नुकसान | Advantages and disadvantages of eating cucumber in pregnancy

 प्रेगनेंसी के दौरान गर्भवती स्त्री को खीरा खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए. आज के हमारे टॉपिक है

क्या प्रेगनेंसी में खीरा खाना सुरक्षित रहता है.
प्रेगनेंसी में खीरा कैसे खाना चाहिए.
खीरा खाने के फायदे और नुकसान

cucumber benefits in pregnancy and disadvantage

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क्या प्रेगनेंसी में खीरा खाना सुरक्षित रहता है

दोस्तों प्रेगनेंसी के दौरान खीरा खाया भी जाता है, और यह काफी ज्यादा फायदेमंद भी होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में नुकसान भी दे सकता है. इसलिए प्रेगनेंसी के दौरान खीरा खाना चाहिए, लेकिन कुछ सावधानियों के साथ खीरा खाना काफी अच्छा रहता है.

खीरे के बारे में कहा जाता है कि यह सुबह के समय और दोपहर के समय खाना काफी ज्यादा फायदेमंद रहता है, लेकिन अगर आप खीरे को रात के समय खाते हैं तो ऐसा हो सकता है, कि यह आपके पेट में दर्द का कारण बन जाए.

अगर आप खीरे को सही समय पर और सही तरह से साफ करके अपने भोजन में प्रयोग करते हैं, तो यह काफी फायदेमंद होता है खासकर गर्मियों के मौसम में आता है और आपकी प्रेगनेंसी के दौरान आपके शरीर को ठंडा रखने का कार्य करता है.

प्रेगनेंसी में खीरा कैसे खाना चाहिए


प्रेगनेंसी में खीरा खा सकते हैं ---

सलाद के रूप में
रायता बनाकर खा जा सकता है.
स्नेक्स और स्मूदी आदि के रूप में प्रयोग हो सकता है.
खीरा में काला नमक लगाकर आप ऐसे भी खा सकते हैं.
आप खीरे को काट लीजिए उसके बाद थोड़ी देर फ्रिज में रख लीजिए उसके बाद आप काला नमक डालकर खाइए तो आपको काफी अच्छा स्वाद लगेगा आपकी मुंह का स्वाद भी ठीक होगा.


खीरा खाने के फायदे


प्रेगनेंसी के दौरान महिला की इम्यून सिस्टम काफी कमजोर रहता है.

खीरा खाने से महिला की इम्युनिटी बढ़ती है बॉडी के हार्मोन बदलाव के कारण महिला का व्यवहार काफी बदल जाता है खीरे में विटामिंस भी होते हैं जो मस्तिष्क को आराम पहुंचाते हैं मूड फ्रेश रखते हैं.
खीरे के अंदर फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, इसलिए यह कब्ज में राहत प्रदान करता है.

अक्सर प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के पैर में सूजन की समस्या नजर आती है खासकर तीसरी तिमाही में यह परेशानी बढ़ सकती है, ऐसे में खीरे का सेवन करने से महिला को राहत मिलेगी.

डायबिटीज की समस्या में भी यह काफी कारगर है, ब्लड में ग्लूकोस की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद करता है.

खीरे के अंदर उचित मात्रा में पानी होता है इसलिए यह डिहाइड्रेशन की समस्या को नियंत्रित रखता है.

अगर महिला का वजन प्रेगनेंसी के दौरान ज्यादा है तो उसे अपने भोजन में खीरे को शामिल करना चाहिए इसके अंदर कैस्ट्रॉल नहीं होता है.

इसके अंदर काफी सारे मिनरल्स और विटामिंस होते हैं जो बच्चे की सेहत का ध्यान बहुत अच्छे से रखते हैं.
 यह महिला की स्किन में आने वाली प्रॉब्लम्स को भी दूर करने में मदद करता है

खीरे के अंदर विटामिन सी, विटामिन बी, विटामिन B2, विटामिन B3 मात्रा में होते हैं. जिसकी वजह से गर्भ में पल रहे शिशु का विकास बहुत अच्छी तरह से होता है.

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खीरा खाने के नुकसान


प्रेगनेंसी के दौरान खीरा खाने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जैसे कि
 
खीरा खाने से कभी-कभी अपच और पेट दर्द की समस्या हो सकती है.

खीरे के अधिक सेवन से बार-बार पेशाब आने की समस्या होती है और तीसरी तिमाही में यह परेशानी पैदा करता है.

किसी व्यक्ति को खीरा खाने से एलर्जी भी हो जाती है, खीरे के सेवन से खुजली और सूजन की समस्या आ सकती है तो ऐसे व्यक्तियों को क्या नहीं खाना चाहिए.

खीरे में एक प्रकार का विषाक्त पदार्थ पाया जाता है, जो खीरे के साथ को कड़वा भी करता है, इसलिए ज्यादा मात्रा में खीरा खाना नुकसानदायक होता है.

खीरे में पोटेशियम की मात्रा अगर ज्यादा है तो यह जिस मिट्टी में पैदा हुआ है उस पर भी निर्भर करता है तो पेट में सूजन आ जाती है.

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