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क्या गर्भवती स्त्री चने खा सकती है | Kya Pregnant women Chana Kha Sakte hai

 प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को फूड क्रेविंग के चलते अलग-अलग प्रकार की चीजें खाने का मन करता है. क्या महिला प्रेगनेंसी के दौरान चने खा सकती है. क्योंकि प्रेगनेंसी में हर चीज सोच समझकर ही खानी चाहिए. यहां पर किए गए विश्लेषण को देखकर, आप इस बात का आइडिया जरूर लगा लेंगे, कि आपको चने खाने हैं या नहीं खाने हैं.

आज के हमारे टॉपिक हैं

चने में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं.
चने खाने के कौन-कौन से लाभ होते हैं.
प्रेगनेंसी में चने खाने के कौन से साइड इफेक्ट है.
गर्भवती स्त्री चने को अपने भोजन में कैसे शामिल करें.

कुछ जरूरी बातें.

Kya Pregnant women Chana Kha Sakte hai -  क्या गर्भवती स्त्री चने खा सकती है


क्या गर्भवती स्त्री चने खा सकती है – Kya Pregnant women Chana Kha Sakte hai


चना बहुत ही पौष्टिक खाद्य पदार्थ माना जाता है. चना वैसे तो खाने में काफी हेवी फूड आइटम है. यह पचने में थोड़ा समय लेता है.

इसलिए चने को अगर गर्भवती स्त्री खाए, तो उसे दिन में चना खाना चाहिए. रात के वक्त चने का सेवन ठीक नहीं होता है.

चने के अंदर बहुत सारे आवश्यक पोषक तत्व होते हैं. चने का फायदा लेने के लिए गर्भवती स्त्री को चना सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.
गर्भवती स्त्री को चना रोज नहीं खाना चाहिए. 3 या 4 दिन छोड़कर वह थोड़ी मात्रा में चने का सेवन दिन के समय कर सकती है.

चने के पोषक तत्व – Chane ke Posak Tatva


चने के अंदर काफी सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसके अंदर आपको शुगर भी मिलेगी फाइबर होता है. कार्बोहाइड्रेट, फैट, प्रोटीन और एनर्जी यह सभी चने के अंदर होते हैं.

चने के अंदर विटामिंस की भी एक लंबी लिस्ट होती है. इसमें आपको विटामिन के, विटामिन डी, विटामिन सी, विटामिन बी सिक्स, विटामिन B12, विटामिन ई, विटामिन ए, थियामिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन इत्यादि सभी मिलेंगे.

अब बात करते हैं, कौन-कौन से मिनरल्स विटामिन के चने के अंदर पाए जाते हैं.

 इसमें आपको जिंक, सोडियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कैल्शियम मिलते हैं . चने के अंदर पोटेशियम सबसे ज्यादा पाया जाता है. फास्फोरस भी अच्छी मात्रा में होता है. इसके बाद इसमें आपको मैग्नीशियम और कैल्शियम की मात्रा मिलेगी.

चने की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके अंदर कैफीन और कोलेस्ट्रॉल नहीं पाया जाता है. इसके अंदर कोलीन भी होता है.

प्रेगनेंसी में चने खाने के लाभ – Pregnancy me Chane Khane ke Labh

 
जैसा कि हमने अभी बताया है कि चने के अंदर बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह सब मिलकर शिशु के विकास में अत्यधिक सहयोग देते हैं. यह शिशु के संपूर्ण विकास में मदद करते हैं.

  • चने शिशु को होने वाले जन्म दोष उससे भी उसकी सुरक्षा करते हैं. जन्म दोष का मतलब जो बीमारियां शिशु को जन्म से ही लग जाती हैं. यह बीमारियां शिशु को पोषक तत्व की कमी के कारण लगती हैं.


  • गर्भवती स्त्री को सबसे ज्यादा समस्या इस बात की आती है, कि उसके अंदर खून की कमी हो जाती है. खून की कमी के लिए डॉक्टर आयरन के सप्लीमेंट या अनुपूरक आपको बताते हैं, लेकिन आप खून की कमी को अपने भोजन के द्वारा पूरा करें, तो यह ज्यादा अच्छा रहता है.


  • इसके लिए आप चने का सेवन कर सकती है. क्योंकि इसके अंदर आयरन अच्छी मात्रा में होता है. साथ ही साथ आयरन की कमी से होने वाले दूसरे रोग जैसे की --

         कमजोरी,
         सर दर्द ,
         महिला का वजन कम हो जाना
         जबकि प्रेगनेंसी में वजन बढ़ना चाहिए. इस प्रकार की समस्याओं में भी काफी राहत मिलती है.

  • चने में कोलीन होते हैं, जो एक माइक्रोन्यूट्रिएंट है. मस्तिष्क के विकास और स्वस्थ नसों के निर्माण में सहायक हैं.


  • जब आप चने खाते हैं, तो आप अप्रत्यक्ष रूप से भ्रूण के मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के विकास में मदद करते हैं. चने की सौ ग्राम मात्रा में 43 mg क्लोरीन होता है. इससे बेहतर और क्या हो सकता हैं.


  • आपको चने के अंदर फाइबर उचित मात्रा में मिलेगा. चने में डाइटरी फाइबर पाया जाता है. यह कब्ज की समस्या से निजात दिलाने में काफी लाभदायक है.


  • असल में प्रेग्नेंसी के समय कुछ हारमोंस महिला की शरीर की मांसपेशियों को मुलायम कर देते हैं. जिसकी वजह से पेट की आते और आमाशय की मांसपेशियां मुलायम पड़ जाति है. खाना सही तरीके से पच नहीं पाता है. तो ऐसा भोजन खाना पड़ता है. जिसे पचने में आसानी हो. डाइटरी फाइबर आपके खाने में होता है, तो खाना खाने से पच जाता है.


  • दमा एक ऐसी बीमारी है, जो महिला को हो तो उसके बच्चे को भी आसानी से लग जाती है. अगर महिला प्रेगनेंसी के दौरान चने का सेवन करती है, तो उसे दमे की शिकायत में काफी आराम रहता है. उस में पाया जाने वाला फाइबर युक्त इसे शांत रखने में मदद करता है.


  • चने के अंदर ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड के अंदर शुगर के लेवल को नियंत्रित रखते हैं. जिसके कारण महिला जेस्टेशनल डायबिटीज की समस्या से बच जाती है.


  • गर्भधारण कोई आसान काम नहीं होता है. गर्भावस्था के दौरान महिला को थकावट और शिथिलता महसूस होती है. साथ ही साथ महिला को अधिक वजन भी चाहिए होता है, और अधिक वजन के लिए एनर्जी भी चाहिए होती है. ऐसे में अधिक एनर्जी के लिए महिला चने का सेवन कर सकती है.


प्रेगनेंसी में चने के साइड इफेक्ट – Prenancy me Chane ke Side effect


प्रेगनेंसी के दौरान चने के कोई स्पेशल साइड इफेक्ट नजर नहीं आते हैं. जिसे एकदम से नोट किया जाए. लेकिन अगर किसी गर्भवती स्त्री को चने से एलर्जी है तो उसे चने का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए.

जैसा की अभी हमने आपको चने के फायदे में बताया था कि फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करता है, लेकिन अगर शरीर में फाइबर अधिक मात्रा में पहुंच जाए तो यह दस्त की समस्या उत्पन्न कर सकता है. पेट फूलना, गैस, पेट दर्द की समस्या हो सकती है.

 

चने आहार में कैसे शामिल करें - Chane aahaar me kaise shaamil Karen

  • कई तरह से चने को अपने भोजन में शामिल किया जा सकता है.

  • चने को उबालकर उसे हल्के मसालों के साथ, प्याज टमाटर के साथ फ्राई करके भी खाया जा सकता है.

  • उबले हुए चने की चाट बनाकर भी उसका प्रयोग अपने भोजन में किया जा सकता है जिसे आप दही के साथ खा सकते हैं.

  • हल्के मसाले मिलाकर चने की सब्जी भी बनाई जाती है जिसमें आप आलू का भी प्रयोग कर सकते हैं. साथ ही उसके अंदर सोयाबीन की बरी भी डाल सकते हैं.

  • हमारे पास कभी कभी प्रश्न आता है कि क्या अंकुरित चना खाना प्रेगनेंसी के दौरान लाभकारी होता है.


दोस्तों अंकुरित चना काफी पोस्टिंग माना जाता है. उसके साथ समस्या यह है कि कच्चे भोजन के अंदर संक्रमण का खतरा रहता है. यह फायदेमंद तो होता है, लेकिन अंकुरित वाले स्थान से बैक्टीरिया चने के अंदर जा सकते हैं, जो धोने पर भी नहीं निकलेंगे, तो यह फायदेमंद तो काफी माना जाता है. लेकिन थोड़ा रिस्की भी होता है.
 

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