प्रेगनेंसी का सातवां हफ्ता | seventh week of pregnancy

आज हम प्रेग्नेंसी के सातवें हफ्ते के विषय में चर्चा कर रहे हैं. दोस्तों आधिकारिक रूप से पहले ट्राई मिस्टर का आधा रास्ता पार हो चुका है. लगभग आप आधे रास्ते में हैं. आपको शारीरिक और मन से भले ही अच्छा नहीं लग रहा हो, और ना ही आप गर्भवती दिख रही हो, लेकिन आपके नन्हे शिशु का विकास आपके शरीर में बहुत तेजी से हो रहा है. आपका शरीर उसके लिए बहुत मेहनत कर रहा है. 


अगर आप अपने गर्भस्थ शिशु के आकार की बात करें तो यह काफी छोटा ही होता है. आप मान सकते हैं, कि यह भुट्टे के एक दाने के बराबर या एक अंगूर के बराबर या ब्लूबेरी जैसा ही होता है. और आप के गर्भाशय का आकार एक नींबू से थोड़ा सा बड़ा होता है.


आपका गर्भाशय जिस दिन शुरू हुआ था और उस दिन उसका जितना आकार था उससे लगभग 10000 गुना उसका आकार बढ़ चुका है. अब आप समझ सकते हैं, कि यह कितनी तेजी से विकास कर रहा है.


लेकिन उसके बाद भी आप इसे अभी अनुभव नहीं कर पाएंगे इससे अनुभव करने के लिए आपको लगभग 4 महीने और कुछ दिन का वक्त चाहिए.


 

गर्भवती महिला के शरीर में लक्षण

इस दौरान महिला के शरीर में कुछ बदलाव चल रहे होते हैं, कुछ बदलाव तो पिछले हफ्ते से ही आगे बढ़ेंगे और कुछ बदलाव जो पिछले हफ्ते आपको नहीं आए थे, अब आ सकते हैं. इस वक्त प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का प्रभाव आपके शरीर में नजर आने लगता है.

आपकी मांसपेशियां इसकी वजह से शिथिल पड़ जाती हैं, और बड़ी आंत पर भी इसका असर नजर आता है. बड़ी आंत मुलायम और शिथिल हो जाती है. जिसके कारण आप का पाचन तंत्र गड़बड़ा सकता है


इस दौरान आपको अधिक तरल पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है, और जब भी आप खाना खाए तो आपको अत्याधिक चबाकर खाना खाने की आवश्यकता है. 

साथ ही साथ आपको ऐसा भोजन नहीं करना चाहिए जो पचने में मुश्किल होता है, अर्थात गरिष्ठ भोजन खाने से बचें

अगर आपको गरिष्ठ भोजन खाना भी है तो दिन के समय खाएं और अत्यधिक चबाकर खाएं. रात में इसका प्रयोग नहीं करें. आप गरिष्ठ भोजन में मान सकते हैं जैसे कि चना राजमा और उड़द इत्यादि .
जैसा कि पिछले हफ्ते में आपको कुछ लक्षण नजर आ रहे थे उनमें से हैं, 


आपको मतली लगना
लगातार उल्टी जैसा महसूस होना,
कुछ भोज्य पदार्थ का अचानक से खराब लगना,
उनकी गंद अच्छी नहीं लगना,
सीने में जलन, या उल्टी यह सब भी आपको इस हफ्ते लगातार नजर आएंगे.


इससे आपको अधिक लार बन सकती है. जिसे आप को बार बार निगलना पड़ेगा. आप अपनी मौखिक स्वच्छता को लेकर सतर्क रहें. आपका शरीर काफी सेंसिटिव है, इसलिए आपको अपने मुंह के ज्यादा अंदर तक ब्रश ले जाकर साफ करने की आवश्यकता नहीं है. इससे आपका जी खराब हो सकता है.


ऐसा भी हो सकता है कि आपके चेहरे पर मुंहासे निकलने लगे. यह हार्मोन अल प्रभावों के कारण होता है.


आपको काफी गर्मी का एहसास इस हफ्ते नजर आ सकता है, अर्थात आप गर्मी के प्रति सेंसिटिव हो सकती हैं. 

क्योंकि आपके शरीर में अत्यधिक रक्त संचरण बढ़ गया है. जिसके कारण आपको थोड़ा अधिक गर्मी का एहसास होगा. रक्त संचरण का कारण आपके गर्भस्थ शिशु के विकास में खर्च होने वाली एनर्जी है.


आपको अधिक थकान महसूस हो सकती है, और आप अगर आराम करें तो ऐसा हो सकता है कि उसके बाद भी आपको अपने शरीर की एनर्जी कम लगे. यह गर्भावस्था का प्रारंभिक लक्षण है ऐसा होता है.


कुछ महिलाओं को इस हफ्ते महसूस हो सकता है कि उनका वजन बढ़ गया है और कुछ महिलाओं को अपने वजन में कमी भी नजर आ सकती है यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है.

अगर आप प्रेगनेंसी चाह रही हैं और आपको प्रेगनेंसी हो गई है, तो इसे लेकर अत्यधिक उत्साह दिखाने की आवश्यकता नहीं होती है बस अपना ध्यान रखें.



आपके शिशु में भी सातवें हफ्ते के अंदर काफी बदलाव नजर आने लगते हैं

प्रेग्नेंसी के सातवें हफ्ते के दौरान शिशु के शरीर के विकास में मुख्य फोकस उसके मस्तिष्क को लेकर रहता है. 

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि लगभग हर 1 मिनट 100 नई मस्तिष्क कोशिकाएं डिवेलप हो रही हैं. ऐसे में बहुत ज्यादा एनर्जी की आवश्यकता होती है, और एनर्जी की प्राप्ति के लिए आपको अत्यधिक भूख लगे तो यह आश्चर्य वाली बात नहीं है.


सातवें हफ्ते में बच्चे की हड्डियां बनना शुरू हो जाती है, और चेहरे की आकृति पिछले हफ्ते की तुलना में और अधिक स्पष्ट नजर आने लगती है. बच्चे की नाक आकार लेना शुरू कर देती है. उसके सिर के पीछे का हिस्सा आगे के हिस्से की तुलना में कुछ अधिक तेज गति से बढ़ता है, लेकिन यह सामान्य है. 

 इस हफ्ते उसके हाथ और पैर भी बनने लगे हैं. यह तो पिछले हफ्ते ही इनका उभार नजर आ गया था.


बच्चे के मुंह और जीभ भी निर्मित होने लगी है. बच्चे के हाथ पैर पेडल्स की तरह नजर आते हैं, जो सीने के दोनों तरफ लटके होते हैं, यह मछली की पंखों के समान नजर आते हैं.


अब आपका शिशु 7 हफ्ते का हो गया है. काफी सारे दूसरे अंग भी निर्माणाधीन होने लगे हैं. इस हफ्ते बच्चे के  जननांग बनना शुरू हो जाते हैं,  लेकिन अल्ट्रासाउंड से यह पता नहीं चल सकता है कि वह लड़का है या लड़की है. 

इस हफ्ते बच्चे के गुर्दे अपने सही स्थान पर आ जाते हैं, और लगभग लगभग कार्य करने की स्थिति में आ जाते हैं, लेकिन वह अभी ब्लड का प्यूरीफिकेशन नहीं शुरू करते हैं. ब्लड को छानना शुरू नहीं करते हैं.

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