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क्या प्रेगनेंसी में ड्राई फ्रूट खाने चाहिए | Eating dry fruits during pregnancy

हम प्रेगनेंसी के दौरान ड्राई फ्रूट्स खाने को लेकर चर्चा करने जा रहे हैं. हम इसके सभी पहलुओं पर चर्चा करेंगे जिससे आप बड़ी आसानी से इस बात का पता लगा सके कि आपको आपकी प्रेगनेंसी के दौरान ड्राई फ्रूट्स खाने हैं या नहीं खाने हैं.

क्या प्रेगनेंसी के दौरान ड्राई फ्रूट्स या मेवे खाना सुरक्षित है
प्रेगनेंसी के किस महीने से ड्राई फ्रूट खाना शुरू कर सकते हैं
ड्राई फ्रूट्स या मेवे खाने से क्या स्वास्थ्य लाभ होते हैं
इनके क्या साइड इफेक्ट होते हैं
आपको दिन में कितने ड्राई फ्रूट्स या मेवे खाने चाहिए
साथ ही साथ डाइट में इन्हें शामिल करने को लेकर कुछ जरूरी बातें हैं


Eating dry fruits during pregnancy

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क्या प्रेगनेंसी के दौरान ड्राई फ्रूट्स या मेवे खाना सुरक्षित है

अगर हम प्रेगनेंसी के दौरान ड्राई फ्रूट्स खाने की बात करते हैं तो प्रेगनेंसी के दौरान ड्राई फ्रूट्स खाना सुरक्षित होता है इसके अंदर काफी सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो कि गर्भवती स्त्री के लिए अत्यधिक आवश्यक होते हैं.
प्रेगनेंसी के किस महीने से ड्राई फ्रूट खाना शुरू कर सकते हैं.


किस समय से प्रेगनेंसी के दौरान हमें ड्राई फ्रूट्स खाने चाहिए, इसको लेकर अभी तक साइंस में कोई भी रिसर्च नहीं की गई है. इसलिए आप ड्राई फ्रूट्स खाने से पहले अपने डॉक्टर से जरूर सलाह ले, क्योंकि वह आपकी प्रेगनेंसी के नीचे के अनुसार आपको सही समय पर ड्राई फ्रूट्स खाने की सलाह दे सकते हैं. दोस्तों वैसे प्रेगनेंसी 3 महीने के बाद स्ट्रांग मानी जाती है तो 3 महीने के बाद लेने में कोई दिक्कत नहीं है लेकिन डॉक्टर से जरूर पूछें.

एक दिन में आपको कितने ड्राई फ्रूट्स

आपकी प्रेगनेंसी के नेचर आपकी हेल्थ की रिपोर्ट के अनुसार ही डॉक्टर आपको बता सकते हैं. मेडिकल साइंस में एक रिसर्च की गई है जिसके अनुसार गर्भवती स्त्री 30 ग्राम ड्राई फ्रूट्स  1 दिन में ले सकती है . 


जिस भी प्रकार के ड्राई फ्रूट्स आपको लेने हैं यह निश्चित आपका डॉक्टर ही करेगा क्योंकि आपकी आवश्यकता के अनुसार आपके शरीर में कौन-कौन से पोषक तत्वों की आवश्यकता है और कौन-कौन से ड्राई फ्रूट्स इस आवश्यकता को पूरा कर सकते हैं. इस बात को ध्यान में रखकर ही आपको आपका डॉक्टर बताएगा कि आपको कौन से ड्राई फ्रूट्स लेने हैं.


आहार में ड्राई फ्रूट्स और मेवे शामिल करने के टिप्स

ड्राई फ्रूट्स को कई प्रकार से अपने भोजन में शामिल किया जा सकता है इसके लिए आप
ड्राई फ्रूट्स को सीधे भी ऐसे ही खा सकते हैं.
ड्राई फ्रूट्स को स्नैक्स के रूप में सुबह-शाम भी खाया जा सकता है.
बादाम और मूंगफली जैसे ड्राई फ्रूट्स को रात में भिगोकर रख दें और सुबह खाएं.
आप खजूर, बादाम को पीसकर दूध में उबालकर रात के समय सोने से पहले ले सकते हैं.

ड्राई फ्रूट्स खाने के फायदे

ड्राई फ्रूट्स के अंदर आयरन की काफी अच्छी मात्रा पाई जाती है. इनका सेवन करने से आयरन की कमी दूर होती है. एनीमिया का शिकार महिला नहीं हो पाती है. और जन्म के समय बच्चे के वजन की समस्या भी नहीं होती है. आयरन की कमी को पूरा करने के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन किया जा सकता है.


गर्भ में बढ़ते हुए बच्चे के लिए और मां के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक ऊर्जा और पोषक तत्व की प्राप्ति ड्राई फ्रूट्स के द्वारा की जा सकती है .


अखरोट जैसी ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से बच्चे के मस्तिष्क का विकास काफी अच्छे तरीके से होता है और वह अपनी सीखने की क्षमता को भी बहुत अच्छे से विकसित कर लेता है.


प्रीमेच्योर डिलीवरी के खतरे को कम करने के लिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन काफी फायदेमंद रहता है इसके पोषक तत्व हर चीज को सही रखने में मदद करते हैं.


गर्भावस्था के दौरान पोटैशियम की आवश्यकता स्तनों में दूध के निर्माण के लिए जरूरी होती है और ड्राई फ्रूट्स के जरिए पोटैशियम की कमी को दूर किया जा सकता है.

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ड्राई फूड्स के साइड इफेक्ट  

ड्राई फ्रूट्स काफी हैवी फूड माना जाता है, पचने में यह समय लेता है, और गर्भवती स्त्री की पाचन शक्ति थोड़ा कमजोर होती है, तो इसे लेते समय कुछ सावधानियां रखने की आवश्यकता होती है. सबसे पहले तो ड्राई फ्रूट्स को एक संयमित और निश्चित मात्रा में ही लेना चाहिए. जिसके बारे में आप अपने डॉक्टर से जान सकती हैं तो यह फायदा ही देता है.


अगर किसी गर्भवती स्त्री का वजन आवश्यकता से ज्यादा है, या वह पहले से ही ज्यादा वजन की है और गर्भवती हो जाती है. तो ऐसी महिला को ऐसे ड्राई फ्रूट्स नहीं खाने चाहिए जो वजन को बढ़ाने का कार्य करते हैं

 जैसे कि काजू, बादाम काफी गरिष्ठ मेवा माना जाता है. आसानी से नहीं पचता है. इसलिए इसे घिस कर ही लेना चाहिए. ज्यादा बादाम का सेवन करने से कब्ज की समस्या बढ़ जाती है, और इसमें फाइबर होती है तो पेट फूलने, सूजन, पेट में ऐंठन आदि की समस्या भी नजर आ सकती है.


पिस्ता में पोटैशियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है. पोटैशियम का अधिक सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बन सकता है.इसलिए, गर्भावस्था के दौरान पिस्ता के अधिक सेवन से बचें.

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