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प्रेगनेंसी के दौरान भिंडी खाने चाहिए या नहीं खानी चाहिए

क्या प्रेगनेंसी के दौरान भिंडी खाने चाहिए या नहीं खानी चाहिए इस बात की समीक्षा इसी बात से की जा सकती है कि प्रेगनेंसी में भिंडी खाने के कौन-कौन से फायदे होते हैं कौन-कौन से नुकसान होते हैं

 


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भिंडी क्या फायदे - Okera ya Bhindi Kane Ke Fayade

फाइबर की उचित मात्रा - Proper amount of fiber

भिंडी के अंदर फाइबर काफी अच्छी मात्रा में उपलब्ध होता है इसके अंदर घुलनशील और घुलनशील दोनों तरह के फाइबर उपलब्ध होते हैं, जो की पाचन क्रिया को काफी मजबूत बनाते हैं और गर्भावस्था के दौरान कब्ज को दूर करने में सहायता करते हैं.

कोलेस्ट्रोल नियंत्रित करें - Control cholesterol

भिंडी के अंदर पाए जाने वाले पोषक तत्व के वजह से इसे खाने पर शरीर के कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है. जिसकी वजह से यह शुगर को रोकने में काफी सहायक होता है, तथा दिल को भी मजबूत रखता है.

मजबूत प्रतिरक्षा प्रणाली - Strong immune system

भिंडी के अंदर ऐसे बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं जो कि इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का कार्य करते हैं. जैसे कि विटामिन सी, विटामिन ई, कई प्रकार के एंटी ऑक्सीडेंट, फेनोलिक योगिक, करॉटिनाइड आदि.
इन सबके कारण महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों की प्रतिरक्षा प्रणाली काफी मजबूत हो जाती है, और कई प्रकार के संक्रमण से महिला और गर्भस्थ शिशु दोनों की रक्षा होती है. साथ ही साथ कई प्रकार के अनुवांशिक रोग और अन्य रोग शिशु को नहीं होते हैं.

विटामिन सी की कमी दूर करें - Overcome vitamin c deficiency

विटामिन सी के बिना आयरन का अवशोषण शरीर में नहीं होता है. यह आयरन के अवशोषण में मदद करने के साथ-साथ भ्रूण की हड्डी, त्वचा और कोशिकाओं के विकास में भी काफी मदद करता है. इसलिए शरीर में विटामिन सी की आवश्यकता काफी ज्यादा होती है और भिंडी इसका अच्छा स्रोत है.

अच्छी फोलेट की मात्रा - Good folate content

दोस्तों हम सभी जानते हैं कि प्रेगनेंसी में फोलेट एक आवश्यक तत्व होता है. इसके बिना प्रेगनेंसी की कल्पना कोई नहीं करता है. यह उपापचय क्रियाओं को सुधरता है. डीएनए और लाल रक्त कणिकाओं को जोड़ने का कार्य करता है. साथ में गर्भ में पल रहे शिशु के जन्म दोष के जोखिम को और उसके विकास में काफी सहायता करता है. यह उसके हृदय और मानसिक विकारों को भी दूर करने में सहायता करता है .

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भिंडी खाने के दुष्प्रभाव - Pregnancy me Bhindi Kane Ke Nuksan

दोस्तों वैसे तो भिंडी के अंदर कोई ऐसी तत्व नहीं पाए जाते हैं जो सीधे-सीधे नुकसान पहुंचाते हैं लेकिन हर एक पोषक तत्व की मात्रा एक शरीर के लिए निश्चित होती है. अगर उससे ज्यादा या कम हो जाते हैं तो साइड इफेक्ट नजर आते हैं.

हमने पहले भी बताया है कि भिंडी के अंदर अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है और डाइटरी फाइबर पाया जाता है. जोकि बहुत आवश्यक भी होता है. इसका अधिक मात्रा में सेवन कर लिया अगर भिंडी का अधिक मात्रा में सेवन कर लिया जाए तो दस्त एथन उल्टी पेट फूलने की समस्या और मतली लग सकती है.

भिंडी के ऊपर कोई छिलका नहीं होता है इसलिए इसे खाने से पहले इसे बहुत अच्छी तरह से धोना आवश्यक होता है. अन्यथा रसायनिक कीटनाशक का प्रयोग अगर हुआ होता है तो वह शरीर में जा सकता है और बैक्टीरिया वगैरा भी इसके ऊपर हो सकते हैं.

भिंडी के अंदर प्रोटीन की अच्छी मात्रा पाई जा सकती है अधिक मात्रा में अगर प्रोटीन शरीर के अंदर चला जाता है तो वह गर्भस्थ शिशु के विकास को प्रभावित कर सकता है.

भिंडी के अंदर विटामिन K अच्छी मात्रा में पाया जाता है. अगर आप विटामिन K के लिए पहले से ही सप्लीमेंट ले रही है, तो भिंडी खाने से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य पूछें.
 

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