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What to keep in mind during pregnancy to have a sharp mind for the child | बच्चे का तेज दिमाग होने के लिए प्रेगनेंसी में किन बातों का ध्यान रखें

नमस्कार दोस्तों दोस्तों आज हम चर्चा करने वाले हैं कि बच्चे की बुद्धि का विकास सही तरीके से हो इसके लिए  हमें अपने भोजन में इस प्रकार के खाद्य पदार्थों का समावेश करना चाहिए. हम थोड़ा इंटरनेट पर देख रहे थे तो काफी सारे इंटरेस्टिंग आर्टिकल मिले जैसे कि कंप्यूटर से तेज दिमाग वाला बच्चा चाहिए, तो यह करें अंग्रेजों से गोरा बच्चा चाहिए तो यह खाएं. यह सब लोग एकदम से सर्च करते हैं लेकिन इसका वास्तविकता से कोई मतलब नहीं होता है. क्या आपको लगता है कि यह सब संभव है. 

What to keep in mind during pregnancy to have a sharp mind for the child | बच्चे का तेज दिमाग होने के लिए प्रेगनेंसी में किन बातों का ध्यान रखें


हम मात्र स्थिति को इस प्रकार से मैनेज कर सकते हैं ताकि शिशु के दिमाग का विकास सही तरीके से हो . उसके लिए हम अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकते हैं अपने भोजन का ध्यान रख सकते हैं किसी भी प्रकार की बीमारी ना लगे इसका ध्यान रख सकते हैं.  लेकिन यह हमारे हाथ में नहीं है कि बच्चा कंप्यूटर से तेज दिमाग वाला पैदा हो जाए अगर यह हमारे हाथ में होता तो हम आज सभी कंप्यूटर से तेज दिमाग वाले होते और कंप्यूटर की आवश्यकता ही नहीं होती.

बच्चे की बुद्धि का विकास महिला के स्वास्थ्य और महिला के भोजन पर काफी हद तक निर्भर करता है. हमें उसका थोड़ा ध्यान रखना चाहिए. हम मात्र इतना ही कर सकते हैं. इसके लिए कुछ टिप्स हैं .


आप इनका पालन कीजिए, और एक आइडियल स्थिति अपने गर्भ में शिशु को दें, ताकि वह अपने मस्तिष्क का विकास उचित प्रकार से कर सकें.

तनाव बिल्कुल नहीं ले

अगर महिला बात बात पर तनाव में रहती है, या उसकी स्थिति इस प्रकार की है, कि बार-बार तनाव होता है, तो यह स्थिति बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. इससे बच्चे के विकास के लिए आवश्यक पोषक तत्व बच्चे को प्राप्त नहीं हो पाते हैं, और बच्चे का विकास बाधित होता है. मस्तिष्क का ही नहीं बल्कि संपूर्ण विकास बाधित होता है. 


असल में होता क्या है, कि जब गर्भवती महिला को तनाव होता है, तो उसका मस्तिष्क बहुत तेज गति से विचारों का आदान प्रदान करता है, और इसमें अत्यधिक एनर्जी खर्च होती है. अगर सारी एनर्जी यही खर्च हो जाएगी तो बच्चे के विकास के लिए एनर्जी और पोषक तत्व कहां से आएंगे उनकी कमी हो जाती है.


प्रेगनेंसी के दौरान महिला को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि उसे शिशु को किसी भी प्रकार का आघात महिला की एक्टिविटी के द्वारा नहीं पहुंचना चाहिए इसमें कुछ चीजें हैं जो नहीं करनी है –

यात्रा करने से बचें

महिलाओं की महिलाओं को पूरी प्रेगनेंसी के दौरान यात्राएं कम से कम करनी चाहिए. ट्रेन का सफर एक बार को सही रहता है, लेकिन उबड़ खाबड़ रास्तों पर दुपहिया वाहन या चार पहिया वाहन से यात्रा करना कभी-कभी नुकसानदायक हो जाता है.

घर के जिम्मेदारियों से बचें, काम से बचें

अक्सर महिलाएं घर में अत्यधिक व्यस्त रहती हैं और सारी जिम्मेदारी उनके ही ऊपर होती है.  हर प्रकार के समान को उठाना और इधर से उधर करना महिलाएं स्वयं ही करती हैं. लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान आपको भारी वजन को ना तो उठाना है, ना ही इधर-उधर करना है. इससे पेट की मांसपेशियों पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, और यह दबाव बच्चे के लिए नुकसानदायक हो सकता है, आघात पहुंचता है.

ऊंचे स्थानों पर जाने से बचे हैं

महिलाओं को ऊंचे स्थानों पर नहीं खड़ा होना है. गिरने का डर रहता है. यह बच्चे के लिए नुकसानदायक है.

सीढ़ियां चढ़ने में सावधानी

महिलाओं को प्रेगनेंसी में पांच-छह महीने के बाद में सीढ़ियां नजर ही नहीं आती है, इसलिए महिलाओं को सीढ़ियों पर चढ़ने और उतरने से बचना चाहिए. अगर आवश्यकता पड़े तो काफी संभल कर चढ़ना और उतरना चाहिए.

स्वच्छता का ध्यान रखें

महिला को स्वच्छता का अत्यधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है. यहां स्वच्छता का मतलब उसकी अपनी शारीरिक स्वच्छता और अपने कपड़ों की स्वच्छता और अपने भोजन की स्वच्छता से है.

किसी भी प्रकार के संक्रमण से बचें

कोशिश करें महिला को किसी भी प्रकार का संक्रमण प्रेगनेंसी के दौरान नहीं लगना चाहिए. यह संक्रमण विषाणु या बैक्टीरिया के द्वारा उत्पन्न होता है. यह शरीर के अंदर एसिड पैदा करते हैं, जो गर्भ में शिशु के लिए काफी नुकसानदायक होता है.

सुबह 15:00 मिनट धूप में बैठे हैं

सबसे पहले तो महिलाओं को सुबह के समय 15 मिनट रूप में अवश्य बैठना चाहिए. इससे विटामिन डी शरीर को प्राप्त होता है, जो कई सारे पोषक तत्वों को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है.

सुनिश्चित करें ताजी ऑक्सीजन मिले

आप ऐसे स्थानों से रहे यहां पर ताजी हवा का आवागमन रहता है. वरना शरीर में ऑक्सीजन की कमी बच्चे के मस्तिष्क के विकास को बाधित करती है.

सुबह शाम घास के मैदान पर टहले

आपको सुबह या शाम के समय या दोनों समय पार्क में टहलने जाना चाहिए. इससे आपका स्वास्थ्य सही रहेगा और आपका स्वास्थ्य सही रहेगा, तो बच्चे का विकास भी सही तरीके से होगा. 

दूषित वातावरण से बचें

आप हमेशा इस बात का ध्यान रखें, कि आप किसी ऐसे एरिया में ना रहे और ना ही जाए जहां का वातावरण दूषित हो इससे हानिकारक गैस आपके शरीर में पहुंचकर आपके बच्चे के विकास को मस्तिष्क के विकास को नुकसान पहुंचा सकती है.

हल्का म्यूजिक सुने

गर्भवती महिलाओं को अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान ही हल्का म्यूजिक जरूर सुनना चाहिए यह बच्चे को अलर्ट करता है. उसकी बौद्धिक क्षमताओं की विकास में मदद करता है.

गर्भस्थ शिशु से बातें करते रहें

गर्भस्थ माताओं को अपने शिशु से 5 महीने के बाद लगातार बातें करते रहना चाहिए. शिशु को माता का एहसास प्राप्त होते रहना चाहिए. यह इसके मस्तिष्क विकास में महत्वपूर्ण रोल अदा करता है.

दांतो की सफाई रखें

महिलाओं को अपने दांतों की सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए इसमें कई प्रकार के कीटाणु पनप सकते हैं जो आपके मुंह के रास्ते शरीर में पहुंचकर बच्चे को नुकसान पहुंचाने का कार्य करते हैं इसलिए अपने मुंह की सफाई पर विशेष ध्यान दें.

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