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    प्रेगनेंसी होने के बाद पुत्र प्राप्ति की आयुर्वेदिक औषधि - Putra Prapti ke Prachin Upaya

    नमस्कार दोस्तों, दोस्तो आज हमें पुत्र प्राप्ति के लिए आयुर्वेद का एक प्रयोग हाथ में आया है जिसे हम आपके साथ शेयर करने जा रहे हैं आयुर्वेदाचार्य की मानें तो यह पुत्र प्राप्ति का शर्तिया तरीका है इस प्रयोग को अपनाने के बाद महिला पुत्र को ही जन्म देती है ऐसा माना जाता है.

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    दोस्तों इस प्रयोग को आपको तब शुरू करना है जब आपको पता लग जाए प्रेगनेंसी हो गई है
    दोस्तों इस प्रयोग के लिए आपको कुछ सामग्री की आवश्यकता होगी इसके लिए आपको 20 मोर पंख की आवश्यकता होती है मोर पंख में जो बीच में सिक्के के बराबर जो स्पेस होता है जो नीला और ब्लैक कलर में नजर आता है उतने हिस्से को आप 20 मोर पंख में से निकाल कर अलग कर लीजिए.

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    इन 20 टुकड़ों को एक साथ जलाकर आप भस्म तैयार कर लीजिए, यह भस्म बहुत हल्की होती है इसलिए आप इसे जरा संभाल कर ही रखें और जब आप भस्म तैयार करें तो वहां हवा बिल्कुल भी ना चल रही हो इस बात का ध्यान रखें वरना यह उड़ जाएगी.

    वैद्यनाथ या डाबर की एक मेडिसिन आती है जिसे कहते हैं गर्भपाल रस आप इनमे से किसी भी एक कंपनी का 40 गोलियों का एक पैकेट या डब्बा खरीद ले,

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    आप इन 40 की 40 गोलियों को महीन पीस लें, इसके बाद इन 40 गोलियों को मोर पंख भस्म में मिलाले | अब आपके पास जो औषधि तैयार हुई है उसे 60 बराबर भागों में बांटकर पुड़िया बना ले.

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    आपकी 60 दिन अर्थात 2 महीने की दवाई तैयार हो गई है जिस दिन आपको पता चलता है कि आप प्रेग्नेंट है या आपके घर में स्त्री प्रेग्नेंट है तो उस दिन से आपको यह मेडिसन चौथे महीने tak खिलानी है, अगर मेडिसन कम पड़ जाती है तो आप इसे इसी अनुपात में आगे भी बना सकते हैं.

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    अब इसको लेने का तरीका भी जान ले
    कहा जाता है कि गर्भ ठहरने के पहले दिन से ही इसे 4 महीने तक गर्भवती स्त्री को देना चाहिए लेकिन शुरू के जिस 20-25 दिन तो पता ही नहीं चलता है कि महिला गर्भवती है कि नहीं है बस जिस दिन से पता चलता है, उस दिन से आप चौथे महीने तक दें.

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    यह बिल्कुल सुरक्षित मानी जाती है जैसे कि मेडिसिन का नाम ही है गर्भ पाल रस तो यह गर्भ की सुरक्षा के लिए कार्य करती है, गर्भ में होने वाली संभावित परेशानियों से भी यह गर्भ की सुरक्षा करती है,
    गर्भवती स्त्री को शुरू के 4 महीने यह योग एक पुड़िया रोज शहद के साथ या देसी घी के साथ खाना है, आयुर्वेद की मानें तो आपको शर्तिया 100% पुत्र की प्राप्ति होगी.आप और अधिक जानकारी के लिए अपने आसपास किसी काबिल आयुर्वेदाचार्य से संपर्क कर सलाह ले सकते हैं.

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    आजकल मार्केट में reusable सेनेटरी पैड भी आ गए हैं, जिनका प्रयोग एक से ज्यादा बार किया जा सकता है और बार-बार के खर्चे को भी कम किया जा सकता है अगर आप इनके बारे में अधिक जानना चाहते हैं तो यहां पर जाकर पता कर सकते हैं.




    आप पैड फ्री पीरियड्स के मेंस्ट्रूअल कप का भी प्रयोग कर सकती है - Amazon 




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